Chandu Champion : Kartik Aaryan’best performance in this fascinating sports biopic.
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मूवी रिव्यू चंदू चैंपियन : कार्तिक आर्यन ने किया इस बायोपिक में अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन।
चंदू चैंपियन यह एक सच्ची कहानी पर आधारित हैं , यह फिल्म सेना के जवान और एथलीट मुरलीकांत पेटकर के जीवन पर आधारित है ,जो उनके वास्तविकता को उजागर कराती है। एथलीट मुरलीकांत पेटकर ने 1972 में भारत की तरफ से अपना पहला पैरालिंपिक स्वर्ण पदक जीता था। उनका नाम गुमनामी में छिपा रहा,उनके नाम को वह ग्लैमर नहीं मिला जिसके वे हक़दार हैं।
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अक्सर हमें बताया या सिखाया गया हैं की ,जहा सम्मान नहीं मिलता वहा से निकल जाना ही बेहतर है ,पर अगर आप में वह खास वजह हैं की आप लोगो को आपकी उपस्थिति को स्वीकार करने पे मजबूर करे। तोह आपकी जीत तय है। जबकि दुनिया आपको अनदेखा करे तभी आपका निश्चय ही आपको जीत दिलाता है। ये कहानी का असली विचार बिलकुल भाता हैं। इस विचार को उजागर करता है ,जीत मनाता हैं।पेन स्टूडियोज ने इस फिल्म को बनाया हैं जिसका डायरेक्शन कबीर खान ने किया है।
Chandu Champion : Kartik Aaryan’best performance
Chandu Champion : Kartik Aaryan’best performance ,true story besed on paralompic Gold medlist Muralikant Petkar
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मुरलीकांत पेटकर के जीवन में जो उतार चढाव ए उनको डायरेक्टर ने बड़ी अच्छी तरह से फिल्माया है। मुरलीकांत पेटकर के अतीत और वर्तमान के बिच ये फिल्म जुलती हैं। १९५० से लेकर २०१८ तक की कहानी है ये ,जब उनको २०१८ में पदमश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस बिच उनके जीवन में जो कठिनाइया ,सुख ,दुःख ,हालात इन सब बातो को बड़ी सटीकता से फिल्माया हैं।
इस दौरान उनके जीवन में आया प्यार,और नफ़रत का रिश्ता ,भगवन ,भाग्य ,हालात ,इन सब से उनोने बड़ी सहजता से निर्वहन किया।
फिल्म में फॉरेस्ट गंप का मुक्त स्वभाव और भाग मिल्खा भाग का सार है, लेकिन दोनों से अलग हैं , यह बिना किसी उचित कारण या थोड़ा विद्रोही लगता है। उपहास किए जाने पर पेटकर की आक्रामकता सामने आती ह। वह खुद से कहता है। मेडल से इज्जत मिलती है,
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ChanduChampion:Kartik Aaryan’s best performance in this biopic
इस फिल्म में आप देखेंगे की मुरलीकांत पेटकर ओलिंपिक पदक के लिए बेक़रार हैं। जिसके लिए वे स्विमिंग ,बॉक्सिंग ,कुश्ती सभी अपना हातखंडा आजमाया ,और हसी के कारन बने। पर मुरलीकांत पेटकर ने बचपन से ही ओलिंपिक पदक का सपना देखा और उसको उजागर करने के लिए उनोने सारे हातखण्डे आजमाए। कई बार वो अपमानित भी हुआ ,पर उनके दिल ने थान ली थी की ओलिंपिक पदक जितना है।
उनका कहना था की जबतक आप कोई चैंपियन वाला काम नहीं करते तब तक लोग आपको सलाम नहीं करते ,इज्जत नहीं करते
कबीर खान ने में रोल कार्तिक आर्यन को समां के बड़ा अछा काम करवा लिया हैं। भुवन अरोरा ने पेटकर के साथी के रोल में बड़े प्यारे है।
राजपाल यादव और विजय राज ने अपनी उपस्थिति से विषय को और गहरा बनाया हैं। फील गुड फिल्मे बनाने में कबीर खान का बड़ा हातखंडा हैं,ओवरआल ये फिल्म भी उसी श्रेणी में आती हैं। जैसे अपने देखा है की बजरंगी भाईजान में सलमान हो ,१९८३ में कपिलदेव की भूमिका में रणवीर सींग हो ,या अभी कार्तिक आर्यन ह। फिल्म में हसी मजाक,खेल और ईमानदारी को चित्रित करना उनको पसंद हैं।
अपने मुख्य अभिनेता से उनका सर्वश्रेस्ट निकालना उनको बखूबी आता हैं। व्यक्ति के आतंरिक संघर्ष और उसके साथ क्या हुआ ये बताना भी जरूरी हैं। अबतक इस फिल्म को २२००० लोगो ने १०/८.७ का( IMDb RATING 10 / 8 .7) रेटिंग दी हैं।
ChanduChampion:Kartik Aaryan’s best performance in this biopic
Chandu Champion : Kartik Aaryan’best performance
Chandu Champion : Kartik Aaryan’best performance